सीमित संसाधनों में कमाल कर रही हैं दमोह और हटा की महिला किसानें: मशरूम की खेती से बढ़ा आत्मनिर्भरता का रास्ता!

दमोह महिला किसान प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड और हटा आजीविका महिला किसान प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड की महिला किसानें आज एक मिसाल बन चुकी हैं। बेहद सीमित संसाधनों के बावजूद ये महिलाएं ओएस्टर और मिल्की मशरूम की खेती कर रही हैं — और वो भी मात्र ₹50–₹60 की लागत में।

इन मशरूम की खुदरा बिक्री ₹250 प्रति किलो तक होती है, जबकि थोक में भी ₹200 प्रति किलो तक का मूल्य मिल रहा है। यानी लागत के मुकाबले चार गुना से अधिक का रिटर्न — वो भी बिना किसी बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर के।

महिलाएं घर के भीतर ही प्लास्टिक बैग्स और फाइबर सब्सट्रेट का इस्तेमाल कर मशरूम उगा रही हैं। इस तकनीक से न सिर्फ उत्पादन आसान हुआ है, बल्कि गुणवत्ता भी बनी हुई है।

यह पहल न केवल आय का नया स्रोत बनी है, बल्कि महिला किसानों को आत्मनिर्भरता, सम्मान और सामुदायिक नेतृत्व की दिशा में भी आगे बढ़ा रही है।

“कम लागत, उच्च लाभ और स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग — यही है महिला सशक्तिकरण की असली तस्वीर।

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